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Friday, 8 November 2019

9 Nov 2019: नए साल को शुभ बनाने के लिए करे ये उपाए

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नए साल को शुभ बनाने के लिए करे ये उपाए
नए साल को शुभ बनाने के लिए करे ये उपाए
नए साल को शुभ बनाने के लिए करे ये उपाए
9 Nov 2019 : आने वाले साल को शुभ बनाने के लिए हर कोई कुछ न कुछ नये उपाए करते है, कल ९ Nov २०१९ है यह दिन इसलिए महत्वपूर्ण क्योंकि 9 नवंबर यानी शनिवार के दिन त्रयोदशी तिथि होने से शनि प्रदोष व्रत का संयोग है , साल के अंतिम शनि प्रदोष को करे निचे दिए गए उपाए और आने वाले नए साल को शुभ बनाये।  2020 के जनवरी महीने में ही शनि मकर राशि में प्रवेश करेगा और इससे वृश्चिक राशि के व्यक्ति को साढ़ेसाती से मुक्त हो जायेगे लेकिन कुंभ राशि वालो के लिए नए साल में साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी 
प्रदोष व्रत वैसे तो शंकर जी को प्रसन्न करने के लिए रखा जाता है पर शनिवार को आने के कारण महादेव जी के साथ साथ शनिदेव जी की भी पूजा की जाती है इसलिए इस व्रत को शनि प्रदोष व्रत कहा जाता है। शनि प्रदोष व्रत से संयोग में शनि महाराज को मना लें तो आने नए साल में शनिदेव के प्रभाव को कम किया जा सकता है। 

शनिदेव जी के इस मंत्र का करे जप
शनिदेव जी की कृपा पाने के लिए सुबह उठकर ओम प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।’ का नियमित रूप से पाठ करने से शनिदेव जी की कृपा के पात्र बन सकते है।  इस मंत्र के जप से आपके आसपास सकारात्मक ऊर्जा प्रवाह होती है जिससे आपकी सभी समस्याएं धीरे-धीरे खत्म हो जाएंगी।
नौकरी में रूकावट के लिए करे ये उपाय
नौकरी में आ रही परेशानियों को दूर करने के लिए आप शनि प्रदोष के दिन शनिदेव जी के नाव की कील की अंगूठी पहने।  हनुमान चालीसा का पाठ करे इससे आपकी परेशानी में कमी आएगी और हो रही आर्थिक हानि को भी कम किया जा सकता है।
नए साल को शुभ बनाने के लिए करे ये उपाए
नए साल को शुभ बनाने के लिए करे ये उपाए
शनिदेव महाराज जी को चढ़ाये तेल
शनि प्रदोष वाले दिन शनि महाराज को सरसो का तेल चढ़ाने से शनिदेव के अशुभ प्रभाव को कम किया जा सकता है।  इसका फल और शुभ हो सकता की आप तेल चढ़ाने से पहले तेल में अपना चेहरा देख कर दे इससे साढ़ेसाती या ढैय्या से पीड़ित हैं उन्हें भी लाभ हासिल होता और आपके ग्रह दोष कम होते है और सुख समृद्धि बढ़ती है।  
सरसों के तेल का दीपक जलाये
सूर्यास्त के बाद दिन शनिवार को पीपल के पेड़ के निचे सरसों के तेल का दीपक जलाये और तिल और जल को पीपल के वृक्ष की जड़ में चढ़ा दे और वृक्ष की परिक्रमा करे ऐसा  शनिदेव की असीम कृपा होगी।  
इसके अलावा शनिदेव के सामने भी सरसों का दीपक भी जलाना चाहिए।

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